MP Board Class 12th Hindi Makrand Solutions Chapter 15 यशोधरा की व्यथा (कविता, मैथिलीशरण गुप्त)

MP Board Class 12th Hindi Makrand Solutions Chapter 15 यशोधरा की व्यथा (कविता, मैथिलीशरण गुप्त)

यशोधरा की व्यथा पाठ्य-पुस्तक पर आधारित प्रश्न
यशोधरा की व्यथा लघु उत्तरीय प्रश्न

Yashodhara Ki Vyatha MP Board Class 12th Hindi

प्रश्न 1.
यशोधरा ने ‘वसंत’ किसको कहा है?
उत्तर:
यशोधरा ने बसंत राजकुमार सिद्धार्थ को कहा है ।।

यशोधरा की व्यथा MP Board Class 12th Hindi

प्रश्न 2.
धरती किसके ताप से जल रही है?
उत्तर:
धरती राजकुमार सिद्धार्थ की तप साधना के तप से जल रही है ।।

यशोधरा दुखी क्यों थी MP Board Class 12th Hindi प्रश्न 3.
गौतम बुद्ध के त्याग से वृक्षों पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर:
गौतम बुद्ध के त्याग से प्रभावित होकर वृक्षों ने भी अपने पत्ते त्याग दिए ।।

यशोधरा कविता की व्याख्या Pdf MP Board Class 12th Hindi प्रश्न 4.
यशोधरा की विनय क्या है?
उत्तर:
यशोधरा की विनय यह है कि उसके पति के श्रम का फल सब भोगे ।।

यशोधरा की व्यथा दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

यशोधरा पाठ के प्रश्न उत्तर MP Board Class 12th Hindi प्रश्न 1.
कविता में गौतम बुद्ध के कौन-कौन से गुण बताए गए हैं? (M.P. 2009)
उत्तर:
गौतम बुद्ध में तपस्वी, त्यागी, दयालु, विश्व मंगलकारी और उदारता के गुण बताए गए हैं ।।

यशोधरा का विरह वर्णन MP Board Class 12th Hindi प्रश्न 2.
यशोधरा की निजी व्यथा लोक-व्यथा क्यों बन गई है?
उत्तर:
यशोधरा की निजी व्यथा लोक-व्यथा इसलिए बन गई क्योंकि उसके पति विश्व-कल्याण की भावना से ही उसे छोड़कर गए थे ।।

यशोधरा कविता की व्याख्या MP Board Class 12th Hindi प्रश्न 3.
कविता में वर्णित षड्ऋतुओं में से किसी एक ऋतु का वर्णन कीजिए ।।
उत्तर:
षड्ऋतुओं में से एक ग्रीष्मऋतु है ।। इस ऋतु में धूल भरी आँधियाँ चलती हैं ।। भीषण गर्मी के कारण प्यास से गला सूखां जाता है ।। शरीर से पसीना बहता रहता है ।। गर्मी की तीव्रता से दृष्टि झुलसी जाती है, जिसके कारण आँखों के सामने अँधेरा छा जाता है ।। पृथ्वी गर्मी से निरंतर जलती रहती है ।।

प्रश्न 4.
निम्नलिखित पंक्तियों का अर्थ लिखिए –

तप मेरे मोहन का उद्धव धूल उड़ाता आया ।।
अरी! वृष्टि ऐसी ही उनकी, दया-दृष्टि रोती थी ।।
मेरी बाँह गही स्वामी ने, मैंने उनकी छाँह गही ।।
उनके श्रम के फल सब भोगें, यशोधरा की विनय यही ।।
उत्तर:

ग्रीष्म ऋतु में यह जो धूल उड़ रही है, यह ग्रीष्म ऋतु में उड़ने वाली धूल नहीं है, अपितु यशोधरा के पति सिद्धार्थ तप की तपस्या के परिणामस्वरूप धूल सूख गई है और वही वायु में मिलकर यहाँ आ रही है ।।
ऐ वृष्टि! जिस प्रकार तूं निरंतर वरस रही है, उसी प्रकार मेरे प्रियतम की दया-दृष्टि हुआ करती थी ।।
मेरे स्वामी ने अमर संबंधों के लिए मेरी बाँह पकड़ी थी, मेरा वरण किया था और मैंने उनकी शरण ली थी ।।
मेरे प्रियतम के श्रम का फल सारा विश्व भोगे, यही यशोधरा की कामना है, यही उसकी उदारता है ।।
यशोधरा की व्यथा भाव-विस्तार/पल्लवन

प्रश्न 1.
आशा से आकाश थमा है ।।
उत्तर:
आशा के आधार पर ही आधारहीन आकाश थमा हुआ है ।। यदि जीवन में आशा न हो, तो जीवन व्यर्थ हो जाता है ।। यदि जीवन में आशा है, तभी तक जीवन निरंतर चलता रहता है ।। आशा है, तो जीवन में सफलता प्राप्त की जा सकती है ।। निराशाभरा जीवन व्यक्ति को निष्क्रिय बना देता है ।। आशा से भरा व्यक्ति पुरुपार्थ करके जीवन में उन्नति (प्रगति) करता है ।। ।।

प्रश्न 2.
विश्व-वेदना की चमक उन्हें होती थी ।।
उत्तर:
गौतम बुद्ध संसार के दुख से दुखी होते थे ।। विश्व को दुखों से मुक्ति के लिए ही उन्होंने गृह-त्याग किया और तपस्या की ।। उनके हृदय में भी विश्व-मंगल की भावना को लेकर टीस उठती थी ।। गौतम बुद्ध ने मानव को दुखों से मुक्ति दिलाने का मार्ग खोजा, ज्ञान प्राप्त किया और स्वयं को इस कार्य में समर्पित कर दिया ।।

यशोधरा की व्यथा भाषा-अनुशीलन

प्रश्न 1.
निम्नलिखित सामासिक शब्दों का विग्रह कर उनके नाम लिखिए –
वाधा-व्यथा, विश्व-वेदना, दिनमुख, नवरस, अग्नि-कुंड, दूध-दही ।।
उत्तर:
वाधा-व्यथा, = वाधा और व्यथा = द्वन्द्व समस
विश्व-वेदना = विश्व की वेदना = तत्पुरुष समस
दिनमुख = दिन का मुख = तत्पुरुष समस

नवरस = नौ रसों का समाहार = द्विगु समास
अग्नि-कुंड = अग्नि का कुंद = तत्पुरुष समस

दूध-दही = दूध और दही = द्वन्द्व समास

प्रश्न 2.
निम्नलिखित शब्दों में से तत्सम और तद्भव शब्दों को छाँटिए –
पत्ता, वाष्प, सूखा, शत, साँस, प्रिय ।।
उत्तर:
तद्भव शब्द ==
पत्ता, साँस,सूखा
तत्सम शब्द == वाष्प. शत प्रिय

प्रश्न 3.
निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए –
मही, विश्व, सलिल, हेम, स्वामी, पेड़ ।।
उत्तर:

मही – पृथ्वी, जमीन, धरती ।।
विश्व – संसार, दुनिया, जगत ।।
सलिल – जल, पानी, अंबु ।।
हेम – सोना, स्वर्ण, कनक ।।
स्वामी – मालिक, सरदार, नेता ।।
पेड़ – वृक्ष, तरु, विटप ।।


प्रश्न 4.
‘योग’ शब्द दो अर्थों में प्रयुक्त हुआ है –

उद्धव योग मार्ग का संदेश लेकर आए ।।
मुझे विभूति रमाने का भी योग नहीं मिल सका ।।
इसी प्रकार के पाँच शब्द खोजकर उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए ।।
उत्तर:

कमल – आपका नाम कमल है ।।
कमल कीचड़ में खिलते हैं ।।
अर्थ – आजकल देश अर्थ अभाव से गुजर रहा है ।।
स्वतन्त्रता का अर्थ है आज़ादी ।।
आम – आम आम फलों का राजा है ।।
यह आम रास्ता नहीं है ।।
कल – कल वर्षा अवश्य होगी ।।
इस क्षेत्र में अनेक कल कारखाने हैं ।।
अचल – हिमालय अचल भारत की उत्तर दिशा में है ।।
यह मेरी अचल सम्पत्ति है ।।

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