MP Board Class 12th Hindi Makrand info Chapter 14 पत्र जो इतिहास बन गए (पत्र, महात्मा गाँधी)

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पत्र जो इतिहास बन गए पाठ्य-पुस्तक पर आधारित प्रश्न


पत्र जो इतिहास बन गए लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
‘बा’ का स्वास्थ्य सुधरने की जानकारी बापू को किसके द्वारा मिली?
उत्तर:
‘बा’ का स्वास्थ्य सुधरने की जानकारी डिप्टी गवर्नर (उपराज्यपाल) द्वारा मिली।

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प्रश्न 2.
बापूजी प्रातःकालीन स्वल्पाहार में किन पदार्थों को ग्रहण करने की सलाह देते थे?
उत्तर:
बापूजी प्रातःकालीन स्वल्पाहार में दूध और साबूदाना ग्रहण करने की सलाह देते थे।

प्रश्न 3.
गाँधी जी ने अक्षर ज्ञान में किन विषयों पर बल दिया है? और क्यों?
उत्तर:
गाँधी जी ने अक्षर ज्ञान में गणित और संस्कृत विषयों पर बल दिया है क्योंकि बड़ी आयु में इन्हें सीखना कठिन होता है।

प्रश्न 4.
गाँधी जी ने अपने पुत्र से व्यय के संबंध में कौन सी सावधानी रखने को कहा है?
उत्तर:
व्यय के एक-एक पैसे का हिसाब-किताब सावधानी से रखने को कहा है।

प्रश्न 5.
गाँधी जी के अनुसार ईश प्रार्थना करने का उपयुक्त समय क्या है?
उत्तर:
ईश प्रार्थना करने का सबसे उपयुक्त समय सूर्योदय से पहले है।

पत्र जो इतिहास बन गए दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
गाँधी जी का शिक्षा के प्रति क्या दृष्टिकोण था? (M.P. 2009)
उत्तर:
गाँधी जी का शिक्षा के प्रति दृष्टिकोण था कि जो शिक्षा व्यक्ति में चरित्र-निर्माण की भावना और कर्तव्य की भावना उत्पन्न करे, वही सर्वश्रेष्ठ है। केवल अक्षरज्ञान शिक्षा नहीं है। सच्ची शिक्षा तो चरित्र-निर्माण और कर्तव्य-बोध है।

प्रश्न 2.
माँ की सेवा के माध्यम से अपने पुत्र को गाँधी जी क्या संदेश देना चाहते थे?
उत्तर:
माँ की सेवा के माध्यम से अपने पुत्र को गाँधी जी यह संदेश देना चाहते थे कि माँ की सेवा करना ही सच्ची शिक्षा है। यही तुम्हारा कर्तव्य है।

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प्रश्न 3.
गाँधी जी का ‘आधी शिक्षा’ से क्या अभिप्राय था?
उत्तर:
गाँधी जी का ‘आधी शिक्षा’ से अभिप्राय था-केवल अक्षरज्ञान प्राप्त करना या होना। उनके अनुसार जो शिक्षा व्यक्ति को केवल अक्षरज्ञान कराती हो और उसमें चारित्रिक सद्गुणों और कर्त्तव्य-बोध की भावना उत्पन्न नहीं करती है, वह आधी शिक्षा है।

प्रश्न 4.
गाँधी जी ने अपने पुत्र से अच्छा किसान बनने की अपेक्षा क्यों की?
उत्तर:
गाँधी जी की इच्छा थी कि उनके परिवार में एक किसान हो। वे भविष्य में खेती से ही अपना जीवन-निर्वाह करना चाहते थे इसीलिए उन्होंने अपने पुत्र से ‘अच्छा किसान बनने की अपेक्षा की है।

प्रश्न 5.
समय की पाबंदी के संबंध में गाँधी जी का क्या मत था? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
समय की पाबंदी के संबंध में गाँधी जी का मत था कि व्यक्ति को समय की पाबंदी रखनी चाहिए। समय की पाबंदी जीवन में आगे चलकर बड़ी सहायक सिद्ध होती है।

पत्र जो इतिहास बन गए भाव-विस्तार/पल्लवन

प्रश्न 1.
निम्नलिखित पंक्ति का भाव-विस्तार कीजिए –

प्रश्न 1.
‘अमीरी की तुलना में गरीबी अधिक सुखद है।’
उत्तर:
अमीरी की तुलना में गरीबी व्यक्ति को अधिक सुख देती है। अमीरी में व्यक्ति में झूठे प्रदर्शन की भावना के साथ-साथ अभिमान की भावना घर कर जाती है। वह समाज से दूर हो जाता है। लोगों के मन में ईर्ष्या-द्वेष की भावना उत्पन्न हो जाती है। व्यक्ति अधिक से अधिक प्राप्त करने के चक्कर में लगा हुआ सदा असंतुष्ट रहता है। गरीबी में व्यक्ति संतुष्ट रहता है। उसके जीवन आवश्यकताएँ सीमित रहती हैं। वह सुख, शांति का अनुभव करता है। उसे धन की रक्षा की चिंता नहीं सताती।

प्रश्न 2.
‘मैं समझता हूँ कि केवल अक्षर ज्ञान ही शिक्षा नहीं है।’ उत्तर-गाँधी जी की दृष्टि में केवल अक्षरज्ञान प्राप्त करना शिक्षा नहीं है। सच्ची शिक्षा तो व्यक्ति में चारित्रिक सद्गुणों का विकास करती है। इसके साथ ही वह तो व्यक्ति में कर्तव्य पालन की भावना उत्पन्न करती है। उसे उत्तरदायित्व निभाने का बोध कराती है।

बहुविकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1.
गाँधी ने पत्र ……….. के नाम लिखा।
(क) कस्तूरबा
(ख) पंडित जवाहरलाल
(ग) पुत्र
(घ) डिप्टी गवर्नर
उत्तर:
(ग) पुत्र।

प्रश्न 2.
गाँधी जी ने अपने पुत्र के नाम पत्र में अपने संबंध में लिखा कि मैं……हूँ।
(क) पूर्णरूप से शांति में
(ख) पूर्णरूप से दुविधा में
(ग) पूर्णरूप से तनाव में
(घ) पूर्णरूप से मौन में।
उत्तर:
(क) पूर्णरूप से शांति में।

प्रश्न 3.
गाँधी जी को डिप्टी गवर्नर की उदारता से ज्ञात हुआ कि –
(क) ‘बा’ का स्वास्थ्य सुधर रहा है
(ख) पुत्र का स्वास्थ्य खराब है
(ग) पुत्र का स्वास्थ्य सुधर रहा है
(घ) पुत्र का स्वास्थ्य गिर रहा है
उत्तर:
(क) ‘बा’ का स्वास्थ्य सुधर रहा है।

प्रश्न 4.
गाँधी जी ने कहा कि ……….. ही शिक्षा नहीं है –
(क) आध्यात्मिक ज्ञान
(ख) पुस्तकीय ज्ञान
(ग) अक्षरज्ञान
(घ) धार्मिक ज्ञान
उत्तर:
(ग) अक्षरज्ञान।

प्रश्न 5.
जीवन में आगे चलकर बड़ी सहायक सिद्ध होगी यह ………..
(क) नियमितता
(ख) शिक्षा
(ग) ईश-प्रार्थना
(घ) आत्म-निर्भरता
उत्तर:
(क) नियमितता।

प्रश्न 6.
गाँधी जी ने अपने पुत्र से एक योग्य ……….. बनने की अपेक्षा की।
(क) डॉक्टर
(ख) सत्याग्रही
(ग) किसान
(घ) राजनेता
उत्तर:
(क) किसान।

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प्रश्न 7.
महात्मा गाँधी ने अपने पुत्र को पत्र तब लिखा, जब –
(क) वे आन्दोलन चला रहे थे
(ख) जब वे दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर थे
(ग) जब वे जेल में थे
(घ) जब वे दाण्डी यात्रा कर रहे थे।
उत्तर:
(ग) जब वे जेल में थे।

II. निम्नलिखित कथनों में सत्य/असत्य छाँटिए –

गाँधीजी अक्षरज्ञान को ही शिक्षा समझते थे। (M.P. 2009)
गाँधीजी को हर माह एक पत्र लिखने का अधिकार मिला था।
गाँधीजी गरीबी की तुलना में अमीरी सुखद समझते थे।
काम की अधिकता से मनुष्य को घबराना नहीं चाहिए।
महात्मा गाँधी ने अपने पुत्र देवदास को पत्र लिखा।
उत्तर:

असत्य
सत्य
असत्य
सत्य
असत्य।
III. निम्नलिखित रिक्त स्थानों की पूर्ति दिए गए विकल्पों के आधार पर कीजिए – (M.P. 2012)

  • गाँधीजी ने ………. को पत्र लिखा। (पुत्र/पत्नी)
  • गाँधीजी अपने पुत्र को ………. बनाना चाहते थे। (किसान/वकील)
  • पत्र में ………. की बीमारी का उल्लेख किया गया है। (बा/पुत्र)
  • ‘बा’ के स्वास्थ्य की जानकारी ………. से हुई। (जेलर डिप्टी गवर्नर)
  • ‘पत्र जो इतिहास बन गए’ के लेखक ………. हैं। (मणिलाल गाँधी/महात्मा गाँधी)

उत्तर:–

पुत्र
किसान
‘बा’
डिप्टी गवर्नर
महात्मा गाँधी।

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